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	<title>First Steps - Hindi | His Magnificent Love</title>
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	<description>Exulting in God&#039;s Magnificent Love for Us</description>
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		<title>कदम 31:  प्रार्थना आप के लिए, मेरे दोस्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 31 Jan 2020 06:35:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हम इन 30 बुनियादी सबकों को लेकर चले हैं &#8211; पहला कदम प्रभु यीशु मसीह के साथ &#8211; जैसा मुझे लगा ,ये यात्रा आप को भी आकर्षित लगी होगी l जैसे हम दोनों ने यीशू का हाथ पकड़ कर उनका अनुसरण किया , आप को भी अच्छा लगा होगा l मैं विश्वास करता हूँ कि <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/31/hindi-step-31/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>हम इन 30 बुनियादी सबकों को लेकर चले हैं &#8211; <strong>पहला कदम प्रभु यीशु मसीह के साथ</strong> &#8211; जैसा मुझे लगा ,ये यात्रा आप को भी आकर्षित लगी होगी l जैसे हम दोनों ने यीशू का हाथ पकड़ कर उनका अनुसरण किया , आप को भी अच्छा लगा होगा l मैं विश्वास करता हूँ कि परमेश्वर आपके भी मुक्तिदाता हो चुके होंगे l जैसे वे मेरे प्यारे दोस्त हैं, आप के भी हो गये होंगे l</p>
<p>यह सुन्दर गीत बताता है &#8211; प्रभु यीशु के साथ चलने के बारे में:</p>
<p><strong>वह कितना अद्भुत, अद्भुत दिन है, </strong><strong>वह दिन मैं कभी नहीं भूल सकता l      </strong><br />
<strong>जब मैं अँधेरे में भटक रहा था, </strong><strong>यीशु मेरा मुक्तिदाता मुझे मिला l </strong><br />
<strong>वह कितना  कोमल और दयालु दोस्त, </strong><strong>वह मेरे जीवन की आशा को करता पूरा l  </strong><br />
<strong>दुःख दूर हो गया, आनंद से मैं बता रहा </strong><strong>उसने हर अँधेरे को हरा दिया l</strong></p>
<p><strong>स्वर्ग नीचे आ गया आनंद से मेरी आत्मा भर गयी l</strong><br />
<strong>जब मेरा मुक्तिदाता, जब क्रॉस पर मुझे पूरा बनाया l</strong><br />
<strong>मेरे पाप धुल गए और मेरी रात दिन में बदल गयी l</strong><br />
<strong>स्वर्ग नीचे आया, और मेरी आत्मा आनंद से भर गयी |</strong></p>
<p>मेरे दोस्त, मैं यह विश्वास से प्रार्थना करूँगा कि यह गीत आप को बताए, कि प्रभु यीशु मसीह कितना अद्भुत है, और उनके साथ चलने में आनंद है | मैं आप के लिए प्रार्थना करूँगा कि आप का प्यार और विश्वास प्रभु में बढ़ता रहे, और आप दिन प्रति दिन परमेश्वर में बढ़ते जाऐं |</p>
<p><strong>“इसलिए परमेश्वर ने यीशु मसीह को ऊँचा किया और धरती पर उसको वह नाम दिया जो हर एक नाम से ऊँचा है | यीशु मसीह के नाम पर हरएक घुटना टेकें, धरती पर और धरती के नीचे, और परमेश्वर पिता की महिमा के लिए हरएक जीभ अंगीकार करेगी कि यीशु मसीह ही प्रभु है |”</strong> फिलिपिओं 2: 9 &#8211; 11</p>
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		<title>कदम 30: साक्षी &#8211; मैं पूरी दुनिया से कहना चाहता हूँ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jan 2020 06:00:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>परमेश्वर का प्यार प्रभु यीशु के रूप में आया है l मैं दुनिया को बताना चाहता हूँ कि यह खुशी का समाचार है l      पहले पाठों में हम देखते हैं, कि परमेश्वर ने हमें जीवन दिया, जब हम अपने आप को उनके हवाले करते देते हैं और उनके पीछे चलने लगते हैं l प्रभु <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/30/hindi-step-30/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>परमेश्वर का प्यार प्रभु यीशु के रूप में आया है l मैं दुनिया को बताना चाहता हूँ कि यह खुशी का समाचार है l     </strong></p>
<p>पहले पाठों में हम देखते हैं, कि परमेश्वर ने हमें जीवन दिया, जब हम अपने आप को उनके हवाले करते देते हैं और उनके पीछे चलने लगते हैं l</p>
<ul>
<li>प्रभु यीशु के बिना मैं खोया हुआ था l उनकी संगति जब मुझे मिली तब मैं बच गया और सुरक्षित हो गया l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना मेरा दिल गन्दा और पाप के अँधेरे में था l जब मैंने अपने दिल  में उनको जगह दी उन्होंने पाप से दूर रहने के लिए मेरी मदद की l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना मैं अँधेरे में लडख़ड़ा रहा था, अब उनके साथ मैं रौशनी में चल  रहा हूँ l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना मुझे रास्ते का पता नहीं था l अब वे मेरे मार्गदर्शक हैं, और वे मुझे रौशनी में चलाते  हैं l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना मैं पापों में मरा हुआ था l अब उनके साथ में जीवित हूँ और नित्य जीवन में हूँ l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना परमेश्वर मेरा  न्यायाधीश था, अब वह मेरा स्वर्गीय पिता है l पहले यीशु के बिना मेरे दोस्त मुझे छोड़ देते थे, अब प्रभु यीशु स्वयं मेरे दोस्त हैं l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना मैं आंधी से डर जाता था, अब उनके साथ मैं सुरक्षित हूँ और वे मुझे कभी नहीं छोड़ते हैं l</li>
<li>प्रभु यीशु के बिना मैं अशांत था, अब मुझे पूर्ण शांति मिलती है हर परिस्थिति में l</li>
<li>यीशु मसीह के बिना कुछ पल कि खुशियाँ थीं, अब उनके साथ मुझे हर वक्त खुशी मिलती है l</li>
</ul>
<p>यीशु मसीह के बिना मैं शैतान की पकड़ में था, अब मैं आजाद हूँ l यीशु मसीह में मुझे प्यार और आशीर्वाद मिला है, अब मैं स्वर्ग के रास्ते में हूँ l परमेश्वर ने मेरे जीवन को दिशा दी है l वे चाहते हैं कि मैं सब लोगों को उनके बारे में बताऊँ l परमेश्वर का अद्भुत प्यार सब के लिए है l  जब हम उनके पास आएंगे तो वे हमें नया जीवन देंगे जिस के बारे में हम सोच भी नहीं सकते हैं l</p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u> : प्रभु यीशु, आप मेरी मदद कीजिये कि मैं आपके प्यार और सुसमाचार एवं मुक्ति के बारे मे सबको बताऊँ l </strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/30/hindi-step-30/">कदम 30: साक्षी – मैं पूरी दुनिया से कहना चाहता हूँ</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>कदम 29: क्या प्रभु यीशुही एकमात्र मार्ग है परमेश्वर के पास पहुँचने के लिए?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jan 2020 04:20:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्यारे दोस्त, क्या आप सोच रहे हैं कि यीशु मसीह ही एक मात्र मार्ग है परमेश्वर के पास पहुँच ने के लिए ? दुनिया में बहुत से धर्म है। क्या ये सब हमें परमेश्वर से नहीं जोड़ते? मैं चाहता हूँ कि आप मेरे मित्र रवि से मुलाकात करें जिन्हों ने सच्चाई को प्राप्त किया &#124; वह <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/29/hindi-step-29/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>प्यारे दोस्त, क्या आप सोच रहे हैं कि यीशु मसीह ही एक मात्र मार्ग है परमेश्वर के पास पहुँच ने के लिए ? दुनिया में बहुत से धर्म है। क्या ये सब हमें परमेश्वर से नहीं जोड़ते? मैं चाहता हूँ कि आप मेरे मित्र रवि से मुलाकात करें जिन्हों ने सच्चाई को प्राप्त किया | वह आप को अपनी कहानी बताएंगे |</p>
<p><strong><u>रवि</u></strong>: मैं एक जवान व्यक्ति था, और मेरे पास अच्छा नौकरी थी| लेकिन मैं अशांत था| मेरे जीवन मे कुछ खालीपन था| मेरे अंदर एक इच्छा थी  कि मैं परमेश्वर से मुलाकात करू | मुझे पता था कि परमेश्वर है, लेकिन उन्से मिलने का रास्ता मैं नहीं जानता था|  मैंने अपने पारिवारिक धर्म में परमेश्वर को ढूंडना शुरू किया| सारी रीति रिवाजों को पूरा किया, गरीबों को दान दिया और उपवास रख कर प्रार्थना भी की | लेकिन मैं परमेश्वर के नज़दीक नहीं पहुँच सका | मुझे लगा कि मेरे और मेरे परमेश्वर के बीच में एक गहरी खाड़ी है, जो मुझे उनसे अलग कर रही थी |</p>
<p>मैंने दुसरे धर्म की ओर भी देखा और पाया कि, हर धर्म उस खाड़ी के पास आकर रुख जाति थी | &#8220;मैं इस बड़ी खाड़ी को पार कैसे कर सकता हूं और भगवान तक पहुंच सकता हूँ?&#8221; मैंने हताशा में सोचा था | एक दिन मैं ने एक सन्देश सुना कि, यह खाड़ी, जो मेरे और मेरे परमेश्वर के बिच है वह मेरे पापों हैं | परमेश्वर पवित्र है और मैं पापी हूँ | मैं पापों के सात परमेश्वर के नज़दीक नहीं जा सकता हूँ | &#8220;भगवान, मैं क्या करूँ?&#8221; मैंने निराशा में रोया। स सन्देश में मैंने यह भी सुना कि, प्रभु यीशु जो परमेश्वर का पुत्र है, उन्होंने आपके पापों के लिए क्रूस पर बलि दान होकर उस खाड़ी के ऊपर पुल बांध  दिय | ये सुन के मैं दौड़ कर उन्के पास जाके उनसे मेरे पापों के लिए माफ़ी मांगी | यीशु मसीह मेरे पापों की कीमत क्रूस पर दे चुके थे, इसलिए उन्होंने मेरे पापों को आनंद से माफ़ करदिया, और मेरे दागों को हटादिया | अब मेरे पाप धुल गाये और मैं शुद्ध हूँ |प्रभु यीशु ने मेरा हाथ थामा और हम साथ साथ उस खाड़ी के ओर गए और पाया की एक पुल उस पर बंधा हुआ था जो क्रूस की आकार मैं था | हम दोनों उस पुल को पार करके दूसरी ओर पहुंचे, जहाँ परमेश्वर पिता हमारा इंतजार कर रहे थे | मेरी ख़ुशी की कोई सीमा नहीं थी और मैं उनकी चरणों पर गिरकर उन्की आराधना करने लगा | मैं ने पीछे मुड़ कर जब देखा तो बहुत से लोग अलग अलग मार्गोंसे परमेश्वर की खोज में थे, लेकिन उस खाड़ी के पास आकर रुख जाते थे और अपनी परिश्रम से उस को पार नहीं कर पारहे थे | वे परमेश्वर को पुकार रहें थे लेकिन कुछ नहीं हासिल हो रहा था | यीशु के पास आने से पहले मैं भी उसी अवस्था में था | परन्तु जो लोग प्रभु यीशु के पास आकर पापों की माफ़ी मांग रहे थे उन्होंने उस खाड़ी को यीशु के साथ पार कर लिया और परमेश्वर के साथ आनंद मनारहे थे|</p>
<p>अब मैं प्रभु यीशुही की सच्चाई जो बाइबिल में है समझ गया हूँ|<strong>“मैं ही मार्ग हूँ, सत्य हूँ और जीवन हूँ। बिना मेरे द्वारा कोई भी परम पिता के पास नहीं आता।“</strong> यूहन्ना 14:6</p>
<p>ये है रवि की जीवन की कहानी | अब उन्होंने अपनी पुरानी पाप की जिंदगी छोड़ दि और नई जिंदगी, पाप रहित जिंदगी अपनी प्रभु यीशु के लिए जीते है |</p>
<p>मेरे दोस्त, क्या आप प्रभु यीशु के पास आकर अपने पापों की माफ़ी पाएंगे? परमेश्वर की खोज पूरी करेंगे ?</p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong> <strong>: प्रभु यीशु, मैं पूरी दिल से विश्वास करता हूँ कि आप ही एकमात्र मार्ग है परमेश्वर के पास पहुँचने के लिए | आपने मेरे पापों के लिए क्रूस पर अपने आप को बलि दान किया और मुझे माफ़ किया और परमेश्वर से मेल करवाया | इसके लिए मैं आप का धन्यवाद देता हूँ | आमीन  </strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/29/hindi-step-29/">कदम 29: क्या प्रभु यीशुही एकमात्र मार्ग है परमेश्वर के पास पहुँचने के लिए?</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>कदम 28:  यीशु मसीह फिर आएंगे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Jan 2020 02:42:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रभु यीशु मसीह जीवित हैं, और शिष्य अति प्रसन्न हुए जब वे प्रगट हुए &#124; चालीस दिनों तक उन्हों ने शिष्यों को परमेश्वर के राज्य के बारे में बताया, और शीघ्र ही समय आ गया जब वे शिष्यों को छोड़कर जाने वाले थे &#124; फिर जैसा सब लोग देख  रहे थे यीशु स्वर्ग चले गए <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/28/hindi-step-28/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>प्रभु यीशु मसीह जीवित हैं,</strong> और शिष्य अति प्रसन्न हुए जब वे प्रगट हुए | चालीस दिनों तक उन्हों ने शिष्यों को परमेश्वर के राज्य के बारे में बताया, और शीघ्र ही समय आ गया जब वे शिष्यों को छोड़कर जाने वाले थे | फिर जैसा सब लोग देख  रहे थे यीशु स्वर्ग चले गए और बादलों ने उनको ढांप लिया |<strong>शिष्य यीशु मसीह को आसमान में जाते देख रहे थे |</strong> <strong>अचानक सफ़ेद कपड़े पहने दो स्वर्ग दूत उनके दायें और बायें खड़े हो गये |उन्हों ने कहा आसमान की ओर क्यों देख रहे हो | जैसा आपने उन्हें स्वर्ग जाते देखा वैसे ही वे वापिस आएंगे |</strong>विश्वासिओं के लिए अद्भुत बात यह है कि <strong>यीशु मसीह फिर से वापिस आएंगे |</strong></p>
<p>बाइबिल हमें बताती है:</p>
<ul>
<li>प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के बारे में, वे तुरही की आवाज के साथ, महिमा में आएंगे और हर एकआँख उन्हें देखेगी |</li>
<li>वे राजाओं के राजा बन कर आएंगे और न्याय और दया के साथ राज करेंगे |</li>
<li>वे सारे परमेश्वर के बच्चों को इकट्ठा करेंगे |</li>
<li>जिसने भी उन्हें अपना मुक्ति दाता ग्रहण नहीं किया उनके लिए वे न्यायाधीश की तरह पेश आएंगे |</li>
</ul>
<p>बाइबिल कहती है &#8211; आशीर्वाद, विश्वास और अद्भुत मुक्ति दाता प्रभु यीशु मसीह हैं | हम उनके आने का इंतजार कर रहे हैं | उन्हों ने कहा सावधान रहो और प्रार्थना करते रहो |प्रकाशित वाक्य मैं लिखा है कि &#8211; यीशु ने प्रतिज्ञा की, <strong>“कि निश्चय, मैं जल्दी आ रहा हूँ ” |  </strong>हम ने आनंद से उत्तर दिया <strong>“आइये प्रभु यीशु”</strong> <strong>|</strong></p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong> : <strong>प्रभु यीशु, आपके आने की हम राह देख रहे हैं | आप से विनती करते हैं कि हमें तैयार कीजिये|</strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/28/hindi-step-28/">कदम 28:  यीशु मसीह फिर आएंगे</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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			</item>
		<item>
		<title>कदम 27: चर्च &#8211; इस दुनिया में हमारा मसीही परिवार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Jan 2020 02:21:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>क्या हम दूसरे चर्च में जाऐं? हम एक घर के पास रुकते हैं &#124; यहाँ चर्च की ईमारत तो नहीं है &#124; पर हम अंदर जाकर देखते हैं &#124; कुछ परिवार के लोग अंदर एकत्रित हैं &#124; और हमारा स्वागत स्नेह से किया गया &#124; वहां कोई बाध्य नहीं था पर स्तुति के गीत गाये <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/27/hindi-step-27/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>क्या हम दूसरे चर्च में जाऐं? हम एक घर के पास रुकते हैं | यहाँ चर्च की ईमारत तो नहीं है | पर हम अंदर जाकर देखते हैं |</p>
<p>कुछ परिवार के लोग अंदर एकत्रित हैं | और हमारा स्वागत स्नेह से किया गया | वहां कोई बाध्य नहीं था पर स्तुति के गीत गाये जा रहे थे | स्तुति के गीत बहुत मधुर होते हैं और आत्मा से भरकर सब गाते हैं |दसरे चर्च में, अगुवा भाई ने प्रार्थना किया, बाइबिल पढ़ा और सन्देश दिया |आराधना समाप्त होने के बाद हम, सब भाई- बहनों से मिले |</p>
<p>आप सोच रहे होंगे की<strong> चर्च होता क्या है</strong> | प्रभु यीशु के चर्च की ईमारत नहीं होती | जहाँ भी लोग मिलकर आराधना करते हैं और एक दूसरे की मदद और प्रार्थना करते हैं, वह चर्च कहलाया जाता है |<strong>बाइबिल बताती है</strong> <strong>कि पूरी दुनिया में एक ही चर्च है |</strong> इसका अर्थ यह है कि पूरी दुनिया के मसीही लोग जो प्रभु यीशु पर विश्वास करते हैं<strong>,</strong> इस चर्च के भाग हैं |<strong>मसीह कलीसिया का सिर है | कलीसिया उसकी देह है और वह उसका उद्धार कर्ता है|</strong> &#8211; इफिसियो 5: 23 जैसे आप इसको पढ़ रहे होंगे, आप कहीं के भी हो, आप की भाषा चाहे कोई भी हो, आप विश्व चर्च के सदस्य हैं |मसीह में मेरे भाइयों और बहनों, क्या यह अद्भुत नहीं है ? मैं आपसे प्रेम करता हूँ और आपके लिए प्रार्थना करता रहूँगा|क्या आप प्रसन्न नहीं है चर्च आकर, परमेश्वर के परिवार के साथ उसकी आराधना करके |</p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong> <strong>: प्रभु यीशु, मैं आपका धन्यवाद करता हूँ कि आपने मुझे विश्व चर्च का सदस्य बनाया है |</strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/27/hindi-step-27/">कदम 27: चर्च – इस दुनिया में हमारा मसीही परिवार</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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		<title>कदम 26:  चर्च में परमेश्वर की आराधना करें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Jan 2020 01:44:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज रविवार है &#124;और मसीहियों के साथ मैं भी जा रहा हूँ परमेश्वर की आराधना करने &#124; मैं कितना प्रसन्न हूँ कि आपने भी मन बना लिया है मेरे साथ आने के लिए &#124; मसीही हर रविवार को कलीसिया जाते हैं &#124; प्रभु यीशु मसीह रविवार को कब्र से जीवित होकर बाहर आये &#124; यह <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/26/hindi-step-26/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>आज रविवार है |और मसीहियों के साथ मैं भी जा रहा हूँ परमेश्वर की आराधना करने | मैं कितना प्रसन्न हूँ कि आपने भी मन बना लिया है मेरे साथ आने के लिए |</p>
<p><strong>मसीही हर रविवार को कलीसिया जाते हैं |</strong> प्रभु यीशु मसीह रविवार को कब्र से जीवित होकर बाहर आये | यह सप्ताह का पहला दिन है |इसलिए पूरे विश्व में मसीह लोग कलीसिया जाते हैं आराधना करने के लिए | रविवार का दिन प्रभू के नाम से जाना जाता है, प्रभु की आराधना करने को |</p>
<p>चर्च के ऊपर आपने एक बहुत बड़ा क्रूस देखा होगा | <strong>सारे चर्चों में आप ऊपर क्रूस को देख सकते हैं | और अंदर आराधना वाले कमरे में भी देख सकते हैं |मसीहियों के लिए यह एक कीमती चिह्न है | यह प्रभु यीशु के बलिदान को हमें याद दिलाता है |</strong></p>
<p>चलो हम अंदर जाकर शांतिपूर्वक कुर्सी पर बैठ जाए और दूसरे मसीहियों को भी देखें, जो वहां आये हैं | हम खामोशी के साथ अपनी आत्मा को तैयार करें आराधना करने के लिए |सुन्दर संगीत वाद्य बजाये जा रहे हैं | जैसे हम परमेश्वर पर पूरा मन लगाते हैं हमारे अंदर आत्मा स्थिर हो जाती है परमेश्वर की आराधना करने के लिए | यह हमारे पास्टर  जी हैं | यह हमारे आत्मिक अगुवा हैं और यह आराधना शुरू करते हैं | ख़ुशी के गीत गाये जाते हैं और स्तुति की जाती है, प्रभु यीशु की | पास्टर प्रार्थना करते हैं, सन्देश देते हैं और आशीष देकर आराधना समाप्त करते हैं |आराधना के बाद हम दूसरे मसीहियों से मिलते हैं | हम एक ही मसीह परिवार के  माने जाते हैं | ये हमारे भाई बहिन हैं | परमेश्वर के बेटे को हमने अपना मुक्तिदाता माना है |<strong>बाइबिल</strong> में राजा <strong>दाऊद</strong> जो बहुत बड़े राजा थे उन्होंने, यूँ लिखा है : <strong>“मैं प्रसन्न हुआ जब उन्होंने मुझसे कहा चलो हम परमेश्वर के भवन को चलते हैं</strong> |” &#8211; भजन संहिता 122: 1</p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong> <strong>: सर्व शक्तिमान परमेश्वर, विश्वासी लोगों के साथ हमने भी आराधना की, इसके लिए धन्यवाद | </strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/26/hindi-step-26/">कदम 26:  चर्च में परमेश्वर की आराधना करें</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>कदम 25:  उद्धार के बाद भले काम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jan 2020 23:42:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रिय मित्र ! चलो शांति से सोचते हैं उद्धार के बारे में और नए जीवन के बारे में जो परमेश्वर ने हमें सेंतमेत दिये हैं l उद्धार वह है जो परमेश्वर ने हमें, हमारे पापों से छुड़ाके एक नयी ज़िन्दगी दी है l  यह हमारी अपनी धार्मिकता से नहीं मिली है l हम ऐसा कोई <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/25/hindi-step-25/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रिय मित्र ! चलो शांति से सोचते हैं उद्धार के बारे में और नए जीवन के बारे में जो परमेश्वर ने हमें सेंतमेत दिये हैं l</p>
<p>उद्धार वह है जो परमेश्वर ने हमें, हमारे पापों से छुड़ाके एक नयी ज़िन्दगी दी है l  यह हमारी अपनी धार्मिकता से नहीं मिली है l हम ऐसा कोई काम नहीं कर सकते हैं जिससे हमें मुक्ति मिल सकती हो  lयह एक ऐसी भेंट है जो परमेश्वर ने प्यार से हमें चुन कर दिया l इसको कृपा कहते हैं l इसी कृपा ने हमें बचाया, न कि हमारे अच्छे कामों ने, परंतु विश्वास के साथ l  हम कुछ नहीं कर सकते बचने के लिए l जो उसके ऊपर विश्वास रखेगा वही बचाया जायेगा lआप सोच रहे होंगे कि मुझे उद्धार मिल गया है l अब मैं जैसा चाहूँ वैसा कर सकता हूँ l क्या हम ऐसा कर सकते हैं ? &#8211; ज़रा इस बात को सोचते हैं l</p>
<p>जब हम परमेश्वर से मॉफी मांगते हैं वे हमें शुद्ध करके एक नया मनुष्य बनाते हैं l हम उनके परिवार में जन्म लेते हैं l जैसे छोटे बच्चे अपनी माँ पर निर्भर रहते हैं वैसे ही हम परमेश्वर पर निर्भर हो कर जीते हैं l पुराने पापी जीवन से नफरत करते हैं l परमेश्वर से संगति करने में आनन्द लेते हैं l यदि शैतान हमें भरमाता है पुराने पापों में जीने के लिए, परमेश्वर हमें ताकत देते हैं  “ना” कहने के लिए अगर हम उनसे जुड़े रहेंगे तो l</p>
<p>बाइबिल बताती है :</p>
<p><strong>हम परमेश्वर कि कारीगरी है अच्छे कामों के लिए, जो परमेश्वर कि योजना है l</strong> इफिसिओं 2:10भगवान ने क्या अच्छे कर्म हमें करने के लिए चाहता हैं? दूसरों की सेवा के द्वारा भगवान की सेवा &#8211; जैसे  दया और प्रेम दिखाना, लोगों की मदद करना, और लोगों को प्रभु यीशु और उसकी मुक्ति के बारे में बताना l</p>
<p>इसलिए हमें बेसब्री से प्रार्थना करें और हम सब अच्छे काम करें जो वह चाहतें हैं और <strong>उनको खुशी से करें l</strong></p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong> <strong>: स्वर्गीय पिता, मुझे माफ कीजिये बिना उद्देश्य के जीवन जीने के लिए l ताकत दीजिये आपकी सेवा करने के लिए l </strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/25/hindi-step-25/">कदम 25:  उद्धार के बाद भले काम</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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		<title>कदम 24: परमेश्वर से प्यार, पाप से नफरत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jan 2020 23:17:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रभु यीशु मसीह को जानने से पहले मैं ऐसा सोचता था कि मैं छोटी सी पिन चुरा लूं &#8211; यह बड़ी चोरी नहीं जैसे बैंक को लूटना, यदि मैं किसी से नफरत करूं और उसका बुरा हो जाये तो मुझे बेहद ख़ुशी मिलती थी मैंने कुछ नहीं किया उसे चोट पहुँचाने को &#124; मैं अपराधियों <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/24/hindi-step-24/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>प्रभु यीशु मसीह को जानने से पहले मैं ऐसा सोचता था कि मैं छोटी सी पिन चुरा लूं &#8211; यह बड़ी चोरी नहीं जैसे बैंक को लूटना, यदि मैं किसी से नफरत करूं और उसका बुरा हो जाये तो मुझे बेहद ख़ुशी मिलती थी मैंने कुछ नहीं किया उसे चोट पहुँचाने को | मैं अपराधियों की तरह जेल में नहीं हूँ, इसलिए मैं बुरा व्यक्ति नहीं हूँ | मैं पापी नहीं हूँ | मुझे परमेश्वर से माफी मांगने की आवश्यकता नही |</p>
<p>परमेश्वर की बुनियादी आज्ञाओं के बारे में मैं कितना गलत था &#8211; निर्गमन 20: 3 &#8211; 17 उन <strong>&#8220;दस आज्ञाओं &#8220;</strong> में से यदि मैंने एक भी तोड़ा तो मैंने पाप किया है |प्रभु यीशु मसीह ने सारी आज्ञाओं को बहुत सरलता से समझाया |<strong>परमेश्वर को अपने पूरे ह्रदय से प्यार करो और दूसरों से अपने जैसा प्यार करो</strong> |</p>
<p>मेरे सारे पाप परमेश्वर के खिलाफ हैं और लोगों के भी| वह मेरे ह्रदय को देख भी सकता है और पाप का कारण भी जानता है |मैं कुछ भी छुपा नहीं सकता हूँ | परमेश्वर से धोखा नहीं करसकता &#8211; बाहर अच्छा व्यक्ति बनूं और अंदर से दुष्ट परमेश्वर की नज़र में कितना बड़ा पापी हूँ मुझे पता चल गया है |मैं यीशु प्रभु को बेहद प्यार करता हूँ और परमेश्वर को, नापसंद कोई भी काम नहीं करना चाहता हूँ | मैं दीन होकर परमेश्वर से अपने सारे पापों की माफ़ी मांगता हूँ |मझे परमेश्वर की महिमा के लिए जीवन जीना है | पुराने पापी जीवन में वापस नहीं जाना है | मेरे मुक्तिदाता की बेइज़्ज़ती नहीं होनी चाहिए |</p>
<p>2 कुरिन्थियों 5: 17: बाइबिल बताती है <strong>“यदि कोई प्रभु यीशु में है तो वह नयी सृष्टि  है | पुरानी बातें बीत गयी | सब कुछ नया हो गया है |”</strong></p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong> &#8211; <strong>प्रभु परमेश्वर, मैं पूरी श्रद्धा से आपको ह्रदय दूंगा पाप न करने में मेरी सहायता कीजिये |</strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/24/hindi-step-24/">कदम 24: परमेश्वर से प्यार, पाप से नफरत</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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		<title>कदम 23:  परमेश्वर से प्यार अपने पूरे व्यक्तित्व के साथ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Jan 2020 21:57:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>एक दिन एक मनुष्य प्रभु यीशु के पास आया और उसने उनसे पूछा &#8211; परमेश्वर की सबसे महत्वपूर्ण आज्ञा कौन सी है ? प्रभु यीशु ने उत्तर दिया: तू अपने परमेश्वर को, अपने पूरे मन से, अपनी आत्मा से, और पूर्ण ताकत से प्यार कर &#124; मैंने सोचा परमेश्वर को इस तरह कैसे प्यार करूं <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/23/hindi-step-23/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>एक दिन एक मनुष्य प्रभु यीशु के पास आया और उसने उनसे पूछा &#8211; <strong>परमेश्वर की सबसे महत्वपूर्ण आज्ञा कौन सी है ?</strong></p>
<p><strong>प्रभु यीशु ने उत्तर दिया: </strong></p>
<p><strong>तू अपने परमेश्वर को, अपने पूरे मन से, अपनी आत्मा से, और पूर्ण ताकत से प्यार कर |</strong></p>
<p><strong>मैंने सोचा परमेश्वर को इस तरह कैसे प्यार करूं | तब पवित्र आत्मा की रोशनी मेरे ह्रदय  में आई और मुझे समझ में आ गया |</strong></p>
<p>परमेश्वर चाहते है कि, मैं संपूर्ण मन से उसे प्यार करूं |</p>
<p>वे मुझसे पूर्ण आराधना चाहते हैं, अत:</p>
<p><strong> जीवन में पहला स्थान उसे दें |</strong></p>
<p>मैं सोचता हुं परमेश्वर ने हमारे लिए क्या किया है |</p>
<p>जब हम अपनी माता की कोख में थे उसने हमें जीवन दिया है |</p>
<p><strong>उसने हमारे लिए आशीष दी ताकि हम जीवन भर प्रसन्न रह सकें |</strong></p>
<p><strong> परमेश्वर ने हमें पाप के रास्ते से बचाने अपना इकलौता पुत्र दे दिया |</strong></p>
<p><strong>परमेश्वर ने अपनी पवित्र आत्मा दी ताकि हम सही रास्ते पर चल सकें |</strong></p>
<p><strong>परमेश्वर ने वादा किया है की हर मुसीबत और परेशानी में वह हमारे साथ रहेगा |</strong></p>
<p><strong>परमेश्वर ने स्वर्ग में हमारे लिए घर बनाया ताकि हम हमेशा उसके साथ रह सकें |</strong></p>
<p><strong>जिस परमेश्वर ने मुझे इतने आशीर्वाद दिए मैं क्यों न उसे प्यार करूं |</strong></p>
<p>मैं सोचता हुं <strong>परमेश्वर को अपना प्यार कैसे दिखाऊं</strong> | पवित्र आत्मा ने इसके बारे में मुझे दिखाया |</p>
<p><strong>मैं पाप से नफ़रत करूं जैसे परमेश्वर करता है और ऐसा करके मैं अपना प्यार दिखा  सकता हूं |</strong></p>
<p>परमेश्वर की नज़र में पाप क्या होता है हम अगले पाठ में देखेंगे |</p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong><strong>:</strong>  <strong>स्वर्गीय पिता मुझे ताकत दीजिये, कि मैं आपको पूरे मन से प्यार कर सकूँ |</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/23/hindi-step-23/">कदम 23:  परमेश्वर से प्यार अपने पूरे व्यक्तित्व के साथ</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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		<title>कदम 22:  प्रभु यीशु हमें शैतान से विजय दिलातें हैं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Vasantha Wilfred]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jan 2020 21:25:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[First Steps - Hindi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>परमेश्वर की स्तुति हो &#124; हमारा मुक्तिदाता हमें शैतान से छुड़ाने आया&#124; हम लोग जिन्हें मुक्ति मिली है, शैतान के गुलाम नहीं है &#124;अब हम प्रभु यीशु के हैं, और उसकी सुरक्षा में हैं &#124; शैतान हारा हुआ दुश्मन है &#124; बाइबिल शैतान को दुष्ट आत्मा कहती है और दुनिया का राजा भी कहती है <a class="more-link" href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/22/hindi-step-22/">Read More ...</a></p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>परमेश्वर की स्तुति हो |</strong> हमारा मुक्तिदाता हमें शैतान से छुड़ाने आया| हम लोग जिन्हें मुक्ति मिली है, शैतान के गुलाम नहीं है |अब हम प्रभु यीशु के हैं, और उसकी सुरक्षा में हैं | शैतान हारा हुआ दुश्मन है | बाइबिल शैतान को दुष्ट आत्मा कहती है और दुनिया का राजा भी कहती है |वह दुनिया पर और सारी दुनिया के लोगों पर राज्य करता है |</p>
<p>परमेश्वर ने शैतान को इस दुनिया में थोड़े समय की छूट दी है | समय आ रहा है जब परमेश्वर उसे और उसके साथियो को नरक में फ़ेंक देगा |</p>
<p>जैसे आदम और हव्वा के पास चुनाव का अधिकार था, हमें भी <strong>परमेश्वर ने चुनाव का अधिकार दिया है | क्या मैं परमेश्वार को प्यार करूँ और उनकी आज्ञा को मानूं या शैतान की आज्ञा को?जब मैंने परमेश्वर को अपना मुक्तिदाता माना, मैं परमेश्वर के पक्ष में हो गया हूँ | शैतान ने मुझे खो दिया और वह मेरा शत्रु हो गया | उसका एक ही मकसद है कि मुझे विश्वास दिलाये कि परमेश्वर मुझसे प्यार नहीं करता और मैं उससे दूर हो  जाऊं |शैतान ताकतवर है | हर कीमत पर मुझे वापस जीतना चाहता है | वह मुझे दुनिया की चकाचौंध से ललचाता है और हर प्रकार कि पीड़ा में डालता है |</strong></p>
<p><strong>“परमेश्वर जो हमारे अंदर है, शैतान से ज़्यादा महान है |”</strong> (1 यूहन्ना 4:4)</p>
<p><strong>“शैतान का सामना करो और वह तुमसे दूर भागेगा |”</strong> (याकूब 4:7)</p>
<p>इसलिए शैतान से भयभीत ना होईये | प्रभु यीशु के पास आइये और स्वतन्त्र और सुरक्षित रहिये |मैं प्रभु यीशु का जीवन भर अनुसरण करना चाहता हूँ | हर दिन मुझे पवित्र आत्मा ताकत देती है, शैतान का सामना करने के लिए और प्रभु यीशु में जीने के लिए |</p>
<p><strong><u>प्रार्थना</u></strong><strong><u>:</u></strong> <strong>प्रभु यीशु, शैतान के विरुद्ध मुझे ताकत दीजिऐ ।</strong></p>The post <a href="https://www.hismagnificentlove.com/2020/01/22/hindi-step-22/">कदम 22:  प्रभु यीशु हमें शैतान से विजय दिलातें हैं</a> first appeared on <a href="https://www.hismagnificentlove.com">His Magnificent Love</a>.]]></content:encoded>
					
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