कदम 22: प्रभु यीशु हमें शैतान से विजय दिलातें हैं

परमेश्वर की स्तुति हो | हमारा मुक्तिदाता हमें शैतान से छुड़ाने आया| हम लोग जिन्हें मुक्ति मिली है, शैतान के गुलाम नहीं है |अब हम प्रभु यीशु के हैं, और उसकी सुरक्षा में हैं | शैतान हारा हुआ दुश्मन है | बाइबिल शैतान को दुष्ट आत्मा कहती है और दुनिया का राजा भी कहती है |वह दुनिया पर और सारी दुनिया के लोगों पर राज्य करता है |

परमेश्वर ने शैतान को इस दुनिया में थोड़े समय की छूट दी है | समय आ रहा है जब परमेश्वर उसे और उसके साथियो को नरक में फ़ेंक देगा |

जैसे आदम और हव्वा के पास चुनाव का अधिकार था, हमें भी परमेश्वर ने चुनाव का अधिकार दिया है | क्या मैं परमेश्वार को प्यार करूँ और उनकी आज्ञा को मानूं या शैतान की आज्ञा को?जब मैंने परमेश्वर को अपना मुक्तिदाता माना, मैं परमेश्वर के पक्ष में हो गया हूँ | शैतान ने मुझे खो दिया और वह मेरा शत्रु हो गया | उसका एक ही मकसद है कि मुझे विश्वास दिलाये कि परमेश्वर मुझसे प्यार नहीं करता और मैं उससे दूर हो  जाऊं |शैतान ताकतवर है | हर कीमत पर मुझे वापस जीतना चाहता है | वह मुझे दुनिया की चकाचौंध से ललचाता है और हर प्रकार कि पीड़ा में डालता है |

“परमेश्वर जो हमारे अंदर है, शैतान से ज़्यादा महान है |” (1 यूहन्ना 4:4)

“शैतान का सामना करो और वह तुमसे दूर भागेगा |” (याकूब 4:7)

इसलिए शैतान से भयभीत ना होईये | प्रभु यीशु के पास आइये और स्वतन्त्र और सुरक्षित रहिये |मैं प्रभु यीशु का जीवन भर अनुसरण करना चाहता हूँ | हर दिन मुझे पवित्र आत्मा ताकत देती है, शैतान का सामना करने के लिए और प्रभु यीशु में जीने के लिए |

प्रार्थना: प्रभु यीशु, शैतान के विरुद्ध मुझे ताकत दीजिऐ ।

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