कदम 25: उद्धार के बाद भले काम

प्रिय मित्र ! चलो शांति से सोचते हैं उद्धार के बारे में और नए जीवन के बारे में जो परमेश्वर ने हमें सेंतमेत दिये हैं l

उद्धार वह है जो परमेश्वर ने हमें, हमारे पापों से छुड़ाके एक नयी ज़िन्दगी दी है l  यह हमारी अपनी धार्मिकता से नहीं मिली है l हम ऐसा कोई काम नहीं कर सकते हैं जिससे हमें मुक्ति मिल सकती हो  lयह एक ऐसी भेंट है जो परमेश्वर ने प्यार से हमें चुन कर दिया l इसको कृपा कहते हैं l इसी कृपा ने हमें बचाया, न कि हमारे अच्छे कामों ने, परंतु विश्वास के साथ l  हम कुछ नहीं कर सकते बचने के लिए l जो उसके ऊपर विश्वास रखेगा वही बचाया जायेगा lआप सोच रहे होंगे कि मुझे उद्धार मिल गया है l अब मैं जैसा चाहूँ वैसा कर सकता हूँ l क्या हम ऐसा कर सकते हैं ? – ज़रा इस बात को सोचते हैं l

जब हम परमेश्वर से मॉफी मांगते हैं वे हमें शुद्ध करके एक नया मनुष्य बनाते हैं l हम उनके परिवार में जन्म लेते हैं l जैसे छोटे बच्चे अपनी माँ पर निर्भर रहते हैं वैसे ही हम परमेश्वर पर निर्भर हो कर जीते हैं l पुराने पापी जीवन से नफरत करते हैं l परमेश्वर से संगति करने में आनन्द लेते हैं l यदि शैतान हमें भरमाता है पुराने पापों में जीने के लिए, परमेश्वर हमें ताकत देते हैं  “ना” कहने के लिए अगर हम उनसे जुड़े रहेंगे तो l

बाइबिल बताती है :

हम परमेश्वर कि कारीगरी है अच्छे कामों के लिए, जो परमेश्वर कि योजना है l इफिसिओं 2:10भगवान ने क्या अच्छे कर्म हमें करने के लिए चाहता हैं? दूसरों की सेवा के द्वारा भगवान की सेवा – जैसे  दया और प्रेम दिखाना, लोगों की मदद करना, और लोगों को प्रभु यीशु और उसकी मुक्ति के बारे में बताना l

इसलिए हमें बेसब्री से प्रार्थना करें और हम सब अच्छे काम करें जो वह चाहतें हैं और उनको खुशी से करें l

प्रार्थना : स्वर्गीय पिता, मुझे माफ कीजिये बिना उद्देश्य के जीवन जीने के लिए l ताकत दीजिये आपकी सेवा करने के लिए l 

Leave a Reply

Your email address will not be published.