कदम 23: परमेश्वर से प्यार अपने पूरे व्यक्तित्व के साथ

एक दिन एक मनुष्य प्रभु यीशु के पास आया और उसने उनसे पूछा – परमेश्वर की सबसे महत्वपूर्ण आज्ञा कौन सी है ?

प्रभु यीशु ने उत्तर दिया:

तू अपने परमेश्वर को, अपने पूरे मन से, अपनी आत्मा से, और पूर्ण ताकत से प्यार कर |

मैंने सोचा परमेश्वर को इस तरह कैसे प्यार करूं | तब पवित्र आत्मा की रोशनी मेरे ह्रदय  में आई और मुझे समझ में आ गया |

परमेश्वर चाहते है कि, मैं संपूर्ण मन से उसे प्यार करूं |

वे मुझसे पूर्ण आराधना चाहते हैं, अत:

जीवन में पहला स्थान उसे दें |

मैं सोचता हुं परमेश्वर ने हमारे लिए क्या किया है |

जब हम अपनी माता की कोख में थे उसने हमें जीवन दिया है |

उसने हमारे लिए आशीष दी ताकि हम जीवन भर प्रसन्न रह सकें |

परमेश्वर ने हमें पाप के रास्ते से बचाने अपना इकलौता पुत्र दे दिया |

परमेश्वर ने अपनी पवित्र आत्मा दी ताकि हम सही रास्ते पर चल सकें |

परमेश्वर ने वादा किया है की हर मुसीबत और परेशानी में वह हमारे साथ रहेगा |

परमेश्वर ने स्वर्ग में हमारे लिए घर बनाया ताकि हम हमेशा उसके साथ रह सकें |

जिस परमेश्वर ने मुझे इतने आशीर्वाद दिए मैं क्यों न उसे प्यार करूं |

मैं सोचता हुं परमेश्वर को अपना प्यार कैसे दिखाऊं | पवित्र आत्मा ने इसके बारे में मुझे दिखाया |

मैं पाप से नफ़रत करूं जैसे परमेश्वर करता है और ऐसा करके मैं अपना प्यार दिखा  सकता हूं |

परमेश्वर की नज़र में पाप क्या होता है हम अगले पाठ में देखेंगे |

प्रार्थना:  स्वर्गीय पिता मुझे ताकत दीजिये, कि मैं आपको पूरे मन से प्यार कर सकूँ |

 

 

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